अंतिम प्रणाम
जब की नहीं बचा है हमारे बीच तुम्हे होने लगी है परेशानी मेरी बात से मेरे होने से तो क्या रह जाता है औचित्य मेरे होने का आखिर तुम्हारे सिवा कुछ है भी तो नहीं मेरे पास और जो था वो छोड़ चूका हूँ मै तुम्हारे लिए बहुत पहले तो बस और नहीं इस नीरस,,, निर्वात,, जिंदगी का साथ तो जा रहा हूँ आज सब छोड़कर बस स्वीकार करो मेरा अंतिम प्रणाम
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