Wednesday, March 4, 2009

सनम इस तरह से मेरे दिल के पास ना हो
गर चला जाऊँ मै, तो भी तू उदास ना हो

जो भी अरमान है तेरे निकाल ले अब आज ही
तमन्नाएँ पूरी कर ले अपनी, अधूरी प्यास ना हो

मै ही हरजाई सही, तू वफादार सही अब तक
भूल जाना मुझे ,मुझसे तुम्हे कोई आस ना हो

माना ,मै आऊंगा ही तुम्हे याद ,मुझे पता है
रो लेना तुम सनम खुलकर, जब कोई पास ना हो

ये तुम्हारी गलती थी , मुझसे प्यार करना
अब संभालना दिल को इसमें कोई अहसास ना हो

इस दुनिया में बहुत से ख्वाब बिकते हैं मेरे
पर अब कोई भी हसीं सपना ,तुम्हे रास ना हो

''अजीत'' तुमने किया ,मुझसे आया ना प्यार करना
बहुत सुन चूका हूँ मै ,अब ये इश्क की बकवास ना हो ,,, ''अजीत त्रिपाठी''

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