चांदनी रात में वो और सवर गया होगा
प्यार है दिल में धीरे से उतर गया होगा
मधुर मोहक है सम्मोहक इस कदर
छा गया होगा जिधर गया होगा
वो जिसके नूर से रोशन है जहाँ
आज चाँद पर वो भ्रमर गया होगा
वो जिसके दीद से सवरती है जिन्दगी
आज आईने में देख खुद तर गया होगा
वो शमा है जो दिल की धड़कन है
जला जो परवाना आज मर गया होगा
कोई कहाँ है तुझसा महफ़िल में यहाँ
मेरा , मै , जाने किधर गया होगा
न उदास हो महफ़िल तुझसे ही रहेंगी
ग़ज़लें''अजीत' तेरे नाम कर गया होगा ..''अजीत त्रिपाठी''
प्यार है दिल में धीरे से उतर गया होगा
मधुर मोहक है सम्मोहक इस कदर
छा गया होगा जिधर गया होगा
वो जिसके नूर से रोशन है जहाँ
आज चाँद पर वो भ्रमर गया होगा
वो जिसके दीद से सवरती है जिन्दगी
आज आईने में देख खुद तर गया होगा
वो शमा है जो दिल की धड़कन है
जला जो परवाना आज मर गया होगा
कोई कहाँ है तुझसा महफ़िल में यहाँ
मेरा , मै , जाने किधर गया होगा
न उदास हो महफ़िल तुझसे ही रहेंगी
ग़ज़लें''अजीत' तेरे नाम कर गया होगा ..''अजीत त्रिपाठी''
No comments:
Post a Comment