Sunday, September 5, 2010

आया दिल में


बाद मुद्दतों ये सवाल आया दिल में
क्यूँकर रात तेरा ख्याल आया दिल में

एक उम्र हुए तुझसे बिछड़े हुए हमें , पर
जब आया तू , बेमिसाल आया दिल में

दिन गुजरे महीने भी गुजरते रहे यहाँ
पर याद तू हर साल आया दिल में

बरसों बिन साँसों के सांस लेते रहे हैं
जो तू आया, एक उछाल आया दिल में

थी तमन्ना तेरी दीद को ना जाने कबसे
''अजीत'' आज ये बड़ा कमाल आया दिल में ... ''अजीत त्रिपाठी''

No comments:

Post a Comment